हाई रिस्क गर्भवती महिला की खबर मिलते ही गाँव पहुँचे सागर कलेक्टर संदीप जी.आर.

जब कुर्सी नहीं, कर्तव्य चला
हाई रिस्क गर्भवती महिला की खबर मिलते ही गाँव पहुँचे सागर कलेक्टर संदीप जी.आर.


सागर | 13 जनवरी 2026
यह कोई औपचारिक निरीक्षण नहीं था।
यह कोई प्रोटोकॉल यात्रा भी नहीं थी।
यह उस सोच का प्रतिबिंब था, जहाँ प्रशासन फाइलों से नहीं, संवेदना से चलता है।
रहली विकासखंड के पिपरिया नरसिंह गांव में हाई रिस्क गर्भवती महिला कीर्ति गोंड की सूचना मिलते ही सागर कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने बिना देर किए सीधे उनके घर का रुख किया। उद्देश्य एक ही था— मां और आने वाले जीवन की सुरक्षा।
सवाल रिपोर्ट के नहीं, हालात के थे
घर पहुँचते ही कलेक्टर ने किसी अधिकारी की तरह सवाल नहीं किए, बल्कि हालात समझे।
उन्होंने स्वास्थ्य कार्ड देखा, दवाइयों की जानकारी ली और सहज स्वर में कहा—
“अब कोई जोखिम नहीं लिया जाएगा। इलाज, पोषण और समय— तीनों में पुख्ता इंतजाम होंगे।”
उनकी बातों में आदेश नहीं, भरोसा था।
उनकी मौजूदगी में डर नहीं, तसल्ली थी।
एक छोटी बच्ची और बड़ा संदेश


इसी दौरान कीर्ति गोंड की नन्ही बेटी पास आकर खड़ी हो गई। कलेक्टर ने उसे गोद में उठाया, मुस्कुराकर चॉकलेट दी और वही पल पूरे माहौल को बदल गया।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा—
“बेटियां घर की सबसे मजबूत नींव होती हैं। जब बेटियां सुरक्षित होंगी, तभी परिवार और समाज सुरक्षित होगा।”
यह कथन केवल भाषण नहीं था, बल्कि प्रशासनिक सोच का आईना था।
स्वास्थ्य तंत्र को साफ निर्देश: चूक की कोई गुंजाइश नहीं
निरीक्षण के बाद कलेक्टर संदीप जी.आर. ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए—
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की लगातार निगरानी
प्रसव के समय 108 एम्बुलेंस पहले से अलर्ट मोड पर
पोषण आहार, दवाइयाँ और योजनाओं का लाभ बिना बाधा
किसी भी स्तर की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई
यह सिर्फ एक दौरा नहीं, एक चेतावनी भी है
कलेक्टर का यह दौरा स्वास्थ्य अमले के लिए संदेश है कि अब लापरवाही की कोई जगह नहीं।
और आम लोगों के लिए भरोसा कि प्रशासन सिर्फ दफ्तरों में नहीं, उनके घर तक पहुँच रहा है।
जब प्रशासन मां की चिंता करे, वही सुशासन है
सागर कलेक्टर संदीप जी.आर. ने यह साबित कर दिया कि सुशासन का मतलब सिर्फ योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर खुद जमीन पर उतरना भी है।
यह कहानी एक हाई रिस्क गर्भावस्था की नहीं,
यह कहानी है जिम्मेदार नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन की।

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